🍀करीब आ जाओ ना🍀
करीब आ जाओ ना
बैठे हो गुम सुम क्यों
हाल क्या है कुछ बताओ ना
करके कोई अच्छा सा बहाना
अब तो करीब, आओ ना ।।
महफ़िल अलग से लगाओ ना
कुछ बातें हैं रोचक खट्टी मीठी
झूठ बोल कर दिल बहलाओ ना
अब तो हद हो गई मोहब्बत में
करके इशारा ज्यादा बातें बनाओ ना।।
अब तो करीब आओ ना
दिल की बाज़ी लगाओ ना
समन्दर है मोहब्बत का दरिया है
दूर से अंदाजा लगाओ ना
मोहब्बत सफर है यादों का शहर में
झूठी इमारत अब बनाओ ना
कहते हैं इश्क में खतरे बहुत हैं
इसमें ज्यादा ख़तरे उठाओ ना।।
कशमकश बहुत है तेरे मेरे रिश्ते में
बेवजह खुद को सताओ ना
मुश्किल हो जाएंगी एक दिन आसान
होंसले और सब्र से काम चलाओ ना
अब भी हो किस सोच में डूबे
बिना मतलब के कभी क़रीब आओ ना।।

बहुत दिनों बाद तेरी बातों में बात आई
मुद्दतों बाद मिलन की हंसी रात आई
ऐसे माहौल में प्रेम का दीपक जलाओ ना
कबसे खड़े हैं तेरे दीदार को हम
अब तो करीब आकर गले लगाओ ना
भुला दो पुरानी बातों को अब
मन के हर क्लेश तुम मिटाओ ना
मोहब्बत दिल का सुकून है
दिल को अपने समझाओ ना
हमें मोहब्बत हो गई है तुमसे
जहां को सारी बात बताओ ना
करीब आकर अब तो गले लगाओ ना।।
♥️करीब आ जाओ ना ♥️
तेरी बात शायरी
रात की खामोशियों में, तेरी यादें जाग उठीं,
दिल की धड़कनों में, बस तेरी आवाज़ें बाग उठीं।
चाँदनी झील पर बिखरी थी चुपचाप,
तेरी मुस्कान लगी जैसे कोई ख़ास किताब।
हवा के झोंकों में तेरा एहसास बहता है,
हर पल तेरा नाम दिल पे लिखा रहता है।

करीब आ जाओ ना, ये दूरी अब सताती है,
तेरे बिना ये साँसें अधूरी सी लगती हैं।
तन्हाई का बोझ अब और सहा नहीं जाता,
तेरे बिना ये दिल कहीं बहक सा जाता।
तू हो तो रोशनी हर तरफ खिल जाती है,
तेरी आँखों में दुनिया अपनी मिल जाती है।
तेरे स्पर्श से जैसे कोई जादू उतरता है,
तेरे संग हर लम्हा प्यार में बदलता है।
करीब आ जाओ ना, ये चाँद भी गवाही देगा,
तेरे बिना मेरा हर ख्वाब अधूरा ही रहेगा।
तेरी हँसी से महकते हैं मेरे दिन-रात,
तेरे बिना सूना लगता है पूरा आसमान।
तेरी बातें शहद सी, दिल में उतरती जाती हैं,
तेरे संग ख्वाहिशें मेरी पूरी हो जाती हैं।
कभी सोचो ज़रा, अगर मैं तुझसे दूर हो जाऊँ,
तेरे बिना जीने की ख्वाहिश मैं कहाँ से लाऊँ?
प्यार की इस राह में कोई मंज़िल नहीं चाहिए,
बस तेरा साथ चाहिए, और कुछ नहीं चाहिए।
करीब आ जाओ ना, दिल की ये पुकार सुन लो,
मेरी आँखों में छिपे प्यार का इकरार सुन लो।
तेरे होंठों पर मेरी धड़कन ठहर जाए,
तेरी बाहों में ये जिंदगी सिमट जाए।
तेरे बिना सूनी है मेरी हर खुशी,
तेरे आने से मिलती है असली ज़िंदगी।
तेरी आँखों का नशा हर पल मुझ पर छा जाए,
तेरे बिना ये दिल हर रात रोते-रोते सो जाए।
तेरे स्पर्श में छुपी है मेरी पूरी दुनिया,
तेरे संग हर पल लगता है जैसे जन्नत का कोना।

करीब आ जाओ ना, वक्त ठहर जाए इसी पल,
तेरे बिना अधूरा है मेरा हर कल।
तेरी रूह मेरी रूह से जब मिल जाती है,
मेरा प्यार तेरे नाम की दास्तां कह जाता है।
तेरे बिना मैं कुछ भी नहीं, बस एक साया हूँ,
तेरे साथ ही मेरा असली दुनिया का मायना हूँ।
तेरे संग मेरी दुनिया पूरी हो जाए,
तेरी बाहों में मेरा हर ख्वाब सजीव हो जाए।
करीब आ जाओ ना, और कुछ मत कहो,
बस इस लम्हे को हमेशा के लिए थाम लो।
प्यार की इस दास्तां
में और कोई किरदार नहीं,
बस तू और मैं, और हमारी मोहब्बत ही सही।।
♥️तुम्हारी बात जब होती है ♥️
तुम्हारी बात जब होती है,
दिल की धड़कनें और तेज़ हो जाती हैं।
तुम्हारी बात जैसे ठंडी हवा का झोंका,
जो थकान में भी सुकून दे जाती है।

तुम्हारी बात चाँदनी जैसी उजली,
अंधेरे में भी रोशनी जगा जाती है।
तुम्हारी बात में वो मासूमियत है,
जो हर ग़म को हंसी में बदल देती है।
तुम्हारी बात जैसे बरसात की बूंदें,
दिल की प्यास बुझा जाती हैं।
तुम्हारी बात में छुपी मिठास,
हर लम्हे को मीठा बना जाती है।
तुम्हारी बात में वो कशिश है,
जो लाखों में भी अलग नज़र आती है।
तुम्हारी बात जब कानों में उतरती है,
तो हर जख्म पर मरहम रख देती है।

तुम्हारी बात जैसे कोई गीत हो,
जो बार-बार सुनने को दिल चाहे।
तुम्हारी बात में वो जादू है,
जो दिल को अपना बना ले।
तुम्हारी बात हर रोज़ नया ख्वाब देती है,
जो आँखें बंद करते ही सज उठता है।
तुम्हारी बात मेरी रूह को छू जाती है,
हर बार मोहब्बत और गहरी कर जाती है।
तुम्हारी बात से ही दिन की शुरुआत होती है,
और रात की तन्हाई भी हसीन हो जाती है।
तुम्हारी बात में वो रंग है,
जो हर खालीपन को भर देता है।
तुम्हारी बात अगर ना हो,
तो लफ्ज़ भी अधूरे लगते हैं।
तुम्हारी बात में वो अपनापन है,
जो दिल को अपना सा महसूस कराता है।
तुम्हारी बात जब होती है,
तो हर दर्द भूल जाता हूँ।
तुम्हारी बात जैसे दुआ बन जाती है,
जो खुदा तक पहुंच जाती है।
तुम्हारी बात सिर्फ बात नहीं होती,
वो मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन पल होती है।
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🍁करीब आ जाओ ना 🍁
करीब आ जाओ कोई कोई मजबूरी नहीं,कोई आदेश नहीं है यह तो पुकार है सच्चे हृदय की जो अपने प्रेमी को बुलाती और अपने साथी के आने की राह देखती है।

मिल जाए अंधेरें में तेरे कदमों के निशान
दिल की बातें करना चाहते तुम से बयान
फुर्सत हो तो कभी करीब आ जाओ ना
हम रुठे हैं तुमसे करीब आकर हमें मनाओ ना।।
अब हसरतें पूरी तरह बदलने लगी है
सुना है यारों की महफ़िल फिर सजने लगी है
सब सामिल है जश्न में तुम बाहाने बनाओ ना
फुर्सत निकाल कर तुम करीब आ जाओ ना।।

उनकी हंसी लाखों में सबसे अलग सी लगी
दिल में हसरतें पूरी, वह हुस्न से गजब सी लगी
ख्याल तेरा ही रहा रात भर तेरे जाने के बाद भी
तेरी हर अदा दिल को अच्छी जो लगने लगी।।
सोचता हूं कि करीब आकर हमें तेरे ख्याल सताए
दीवानगी होती है क्या ? कोई हमें तो बताए
मुश्किलें अपने वक्त पर जाएगी याद रख ए मेरे दोस्त
तेरी उम्मीद ही,तेरी इबादत बन कर कयामत लाएगी।।
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