Barish shayari in hindi
Bharish shayari in Hindi : दोस्तों आज कल बरसात का मौसम चल रहा है और आप वट्सएप शायरी स्टेट्स लगाना चाहते हैं तो आप सही जगह पर आ गए हैं यहां आपको हर मौसम की शायरी मिलती है।चलिए शुरू करते हैं –
Barish shayari hind में
रोमांटिक पल शायरी ज़िन्दगी में !!

बरसात की बातें क्यों न हो, दीवानों को बड़ी राहत,
दिलाती है यह बरसात, मेरे तन-मन को भिगाए बरसात।।
Barish shayari in hindi
आज की बरसात बहुत खास हो गयी
तेरी मोहब्बत भी दिल के पास आ गयी
सिल-सिला मोहब्बत का चलता रहा है
एक हंसीना से,आज मुलाकात हो गयी।।

एक छतरी के नीचे हम,खड़े हैं देखो हम आंखें मीचे
जाने क्यों तेरी मोहब्बत का अहसास,हमें तेरी ओर खींचे।।
देख लो यह बरसात, थमने का नाम ना ले
बेकाबू हूं मैं बिना बात, यह रात रुकने का नाम ले।।
मेरी नजरें तेरी चेहरे पर आकर रूक गयी
भीगा पूरा बदन और तेरी निगाहें झुक गयी
अहसास पहली बरसात का अभी हुआ है
हमारी मोहब्बत की यह शुरुआत हो गयी।।

चलते चले गए,तेरे हाथ पकड़ कर
यह ना पूछा,कि जाना है हमें किस पार
तलब मोहब्बत की दिल में ही रही
भरी बरसात में किया हमने दीदार।।

आंखें मूंद कर जाने क्या देखे सपने
मोहब्बत में देखो गैर भी हो गए अपने
बारीस रही या मोहब्बत का नशा
कि बहकते कदम भी ना रुके अपने।।
बरसात का अपना अलग ही मजा है
तुम से जुदा होना भी तो एक सजा है
कबसे तेरे दीदार में हैं,हमें अपना बना लो
करीब आकर अपने हर सपने सजा लो।।

दबे पांव मेरी ओर चले आएं हैं
नज़रों में प्यार बेशुमार लाएं हैं
वो भूल गए बरसात का मौसम है
इसलिए हम छाता साथ लाए हैं।।
दूरियां, डिजिटल दौर और पहली बारिश –
आज कल दौर बदल सा गया है लोग घंटों मोबाईल पर बिता देते हैं और सिर्फ रील चलाते हैं और प्रकृति के मौसमों का आनन्द लेना अलग बात है इस विषय पर पेश है कुछ खास शायरी आपके लिए आसा है जरूर पसंद आएगी।

लगता है सब कुछ डिजिटल हो गया है
वट्सएप की चैट में दिल कहीं खो गया है
वह दूर हमसे हैं, मन में बहुत उदासी छाई है
पहली बारिश हुई हमें लगा वह हमसे मिलने आई है।।
मैंने कहा- यह पहली बारिश है,
उन्होंने कहा- पहली बार देख रहे हो?
मैंने हल्के से मुस्कुरा दिया और कहा दिया-
पहली बरसात में पहली मोहब्बत देख रहा हूं।।

उन्होंने कहा – पहली बरसात है पहली बार छेड़ रहे हो?
मैंने कहा – सादगी तुम्हारी देख रहा हूं,यादें दिल में समेट रहा हूं।
उन्होंने कहा – लगता है, तुम्हारी मुश्किल मैं हूं?
मैंने कहा – जो मुश्किल है वहीं तो मंजिल है।।
पहली बार मिले और पहली मुलाकात हो गयी
आज हम पर भी मोहब्बत की बरसात हो गयी।।
हम बैठे रहे दीदार में,पूरे के पूरे भीग गए राह में
बहुत सुकून मिला मोहब्ब्त में भीगने की चाह में।।
Barish shayari in hindi

चाय बिस्कुट हाथ में, हम डूबे रहे तेरी गहरी निगाहों में
सैलाब यादों का रहा, उतरे है मोहब्बत के गहरी राहों में।।

एपल का मोबाइल है हाथ में और इयरबर्ड बैठी कान में
मोहब्बत की बातें यही बयां कर दो वरना चले जाएंगे अपनी दुकान में।।
मूड आफ हो गया ज़िन्दगी के सफर में अकेले हैं
सोचता मोहब्बत में आज देखो कितने झमेले है
लगता है अब इस दिल को समझाना चाहिए
तुम पहली फुर्सत में अपने घर को निकल जाइए।।
बरसात के दिन बिन बारिश गुजरते नहीं हैं
डिजिटल का जमाना है आपस में लोग मिलते नहीं है
आन लाइनों में कतारों पर खाली बैठे हैं सब
मिलना ना पड़े इसलिए.. आसानी से झूठ कह देते हैं।।

आज आपका अकेले भीगने का मूड है
कोई खास बात है या बस यह रिमझिम बरसात है!
हम अकेले हैं -आओ जरा हमें बाहों में भर लो
इस पहली बरसात में साथ भीगने का गुनाह कर लो।।
सारी ख्वाहिशें बादल में समा गई
बिजली सी मुस्कान तेरी,दिल में समा गई
गुजरे तुम पहली बार खिल मेरे आंगन की मिट्टी
बारिश की रिम झिम बूंद मेरे तन को जला गई।।
महफ़िल सजी भरी बरसात में,
नयन लड़े गहरे जज़्बात में,
ना कुछ कहा ना कुछ सुना उन्होंने
दिल दे गए पहली मुलाकात में।।
दबे पांव हम तेरी ओर आए हैं
नज़रों में मोहब्बत बेशुमार लाएं हैं
वो भुल गए बरसात का मौसम है
इसलिए हम छाता घर से लाएं हैं।।
हमने कहा – बारिश का मज़ा लोगे।
उसने कहा – हम भीगेंगे तो नहीं
हमने कहा – जो होगा आगे देखा जाएगा।
चली गयी जो बरसात तो क्या मजा आएगा?
उसने कहा – आओ मिल कर मजा दोगुना कर लें।
हमने कहा – फिर देर किस बात की आकर हमें बाहों में भर ले।।
यह बरसात पहली है नया हमारा किस्सा है
दिल के टुकड़े-टुकड़े में तेरी मोहब्बत का किस्सा है
इतना आसान नहीं बारिश में अकेले भीग जाना
यह तेरी-मेरी यादों का खुबसूरत हिस्सा है।।

भीग जाऊ अकेले या रहने दूं
दिल की बात तुमको,अब मैं कहने दूं
बरसात है सामने,चाय बिस्कुट सब हाजिर हैं
तेरे सवाल का क्या मैं ज़बाब दूं।।
मार के निशान चोट नहीं करते
जितने घायल शब्दों के तीर है
सब कुछ डिजिटल हुआ,फ्री इंटरनेट
फिर देखो शब्दों विचारों से कितने फकीर है।।
इंटरनेट की बारिश घर पर,बाहर मौसम भी खराब है
मैं घर पर अकेला हूं जनाब तुम्हारा क्या ख्याल है
छाता लेकर या भीग कर चुप चाप चले आइए
तुम्हारी पसंद में पकोड़े रहे या चाय बिस्कुट चाहिए।।

मुझे भीगने की परवाह नहीं अब
कोट मे बारिश रिसती नहीं है
महफ़िल बरसती बरसात लिए
कमाल है वो डर के बहार आती नहीं है।।
क्या कहा – बारिश से डर नहीं, हमसे डर लगता है
क्या अब तुम यों ही हमें ताने मारोगे
दिल की खता क्या – मोहब्बत करना तुम जानोगे
सच कहना – कुछ पल के लिए हमें अपना मानोगे।।
सब झूठ – बड़ी मोहब्बत कि बातें करते हो
हम को छोड़ दुनिया से वट्सएप चैट करते हो
लगता है – बरसात में तुम्हरे सारे अरमान भीग गए
तो अब क्यों बरसाती ओढ़ कर आए हो।।
यह सब मेरी कलम की चाल है
जिस पर राजदेव सम्राट के विचार सवार है।।
कहो तो पानी से दिए जलाऊं मैं
सच कहना सूरज रोशनी दिखाऊं मैं।।

चलों आज हम तुम को माफ करते हैं
यह समझ लो मोहब्बत में इंसाफ करते हैं
इस मौसम की जो यह पहली बारिश है
तुम भी मेरी मोहब्बत भीग जाओ यह गुजारिश है।।
पहली बारिश में अब हम पूरे भीग गए हैं
एक दूसरे को देख लव हमारे सिल गए हैं।।
खैर दिल में कोई मलाल न रखना
लवों पर अब कोई सवाल न रखना।।

लगता है तुम पहली बारिश जानते नहीं हो
मोहब्बत करते हो हमसे और यह मानते नहीं हो।।
चलो तुमको अपनी मोहब्बत में अंजाम पर ले जाएं
तुम डूब जाओ मेरी मोहब्बत में हम तुम्हारी कस्ती पार लगाएं।।
इस बार हमें रोकोगे नहीं,हम फेसबुक को अपनी दुनिया समझते हैं
इसलिए डेली न्यूज़,स्टेटस डीपी,लोग यहां कितनी बकवास करते हैं।।
रिम झिम रिम झिम मेरे साजन
पहली बरसात तेरे साथ मेरे आंगन
मोहब्बत की लहर कह रही है
भीग जाए पूरी कायनात खुशी रहे मेरे आंगन।।
चाय की चुस्की समोसे में दम गरमा गर्म
नज़रों में शरारत,बारिश में भीगे तुम और हम ।।
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